Friday, 30 October 2015

#लप्रेक

अथर्व,तू आज इन्बौक्स टाईप क्यूँ कर रहा है?
क्यूँकि वेदिका आज तुम एकदम मैसेज सी लग रही हो।
तू क्या-क्या बोलते रहता है अथर्व।
अरे वेदिका,तुम बस ऐसे हीं नाराज हो जाती है।
अब तू कुछ भी अगर बोली तो,मैं तुम्हें अपने ड्राँफ्ट में सेव कर लूँगा।
अरे!अथर्व,अब तू भी लोगों को बोलने से रोकने लगा?
अथर्व आज तू भी एक भीङ का हिस्सा लग रहा है।
अरे! वेदिका,तू देख नहीं रही आज लोगों को बोलने पर ही मार दिया जा रहा है।मैं तो तुम्हें अपने लिए,बोलने से रोकता हूँ।
तू,हर बात पर जो बोलने लगती,अपनी राय देने लगती है।
डर तो तेरे लिए लगता है,अगर तुम न रहोगी तो इस शहर में मैं क्षण एक भर नहीं रह सकूँगा।

अरे! अथर्व तू आज इतना ईमोशनल टाईप्ड क्यों कर रहा है?
अरे!वेदिका कुछ दिनों से डर लग रहा है ।
एक प्रौमिस करोगी वेदिका,करोगी ना,प्लीज!
अरे तू बोल तो सही,अथर्व।
वेदिका अब तुम इतना मत बोलना,माहौल देख रही हो ना।डर लगता है बहुत।
प्लीज!मत बोलना वेदिका।

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