Saturday, 25 July 2015

अस्मिता को मत छेङिए मोदी जी।

सबसे पहले तो मैं माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी का आभार प्रकट करना चाहता हूँ कि सभी लोगों की तरह आपको भी बिहार की याद आ हीं गयी भले वह चुनावी समर के हीं बहाने क्यों न आई हो।
ईसके लिए भी आपका आभारी हूँ की आपको अभी भी याद है की बिहार एक पीछङा राज्य है और इसे विकास कि सख्त जरूरत है।
हमारे पीछङेपन का याद दिलाने के लिए धन्यवाद।
हमें तो बस आपसे हीं विकास की आशा है।
ईसी तरह १४ महीने पर बिहार आते रहिये और विकास के लिए स्पेशल पैकेज का ऐलान करते रहिये।
माननीय मोदी जी आपको एक बात जानकर बहुत खुशी होगी,आफको पता है कि नहीं:-आपके भाषण से हीं हमारे बिहार का विकास हो जाता है।
आपके भाषण से हीं विकास की धारा निकलती है ना।
आपसे निवेदन है की अपने भाषण में थोङा और बल लगाकर ऊसको फेंकियेगा।
आप तो शायद न्युटन के तीसरे बल के नीयम को जानते हीं होंगे।
पर आपके विज्ञान के ज्ञान पर थोङा शक जरूर होता है जो कि लाजमी भी है।
आप तो ६० दीन में हीं विकास कर देते हैं पर हमारे बिहार में तो ६०साल में भी नहीं हो पाया।
खैर अब चिंता करने की बात नहीं है,अब आप जरूर विकास कर दोगे,आपके पास बात का जो जंजाल है।
पता नहीं आपके वैदिक वैज्ञानिकों ने कौन सा ऐसा यंत्र बना डाला जो ६० दीन में हीं विकास कर देता है।
ईसके लिए आपको उन महान संघी वैदिक वैज्ञानिकों के लिए नोबल पुरस्कार की समीक्षा करनी चाहिय।
नोबल पुरस्कार के बारे में तो आपको पता हीं होगा,पर फिर भी शक होता है मोदी जी जो की लाजमी है।
है कि नहीं?
खैर आपको तो बिहार कि जनता पर पूरा विश्वास हैं हीं,वो तो मुझे भी है।
आपको बिहार में बस २लोंगों पर नहीं है।
पर एक बात गौर करने लायक है।
बिहार के लोगों का तो डी.एन.ए हीं खराब है,और हाँ खराब डी.एन.ए का बहुत कम समय में हीं रीप्लिकेशन होता है जो कि शायद आप जानते हिं हैं।
सो जरा शतर्क रहने की जरुरत है।
है कि नहीं।

No comments:

Post a Comment