आखिरी महीना क्या होता है?
आखिरी तारीख क्या होती है?
अखबारों में छपता है दिसंबर आखिरी महीना है,
रंगीन परदों पर आखिरी तारीख का जश्न मनाया जाता है.
क्या आखिरी भी कुछ होता है?
आखिरी तो बस जीवन है
ये जो हम आंकड़ो में सिमटकर रह गये
एक आदमी को नजदीकी संभावनाओं के भार
से मार दिया.
आदमी के मृत्यु की क्या कोई तारीख होती है?
आखिरी का अर्थ है मोहन जोदारो के मृत कंकालों
जैसी शांति.
आखिरी का अर्थ है हिमालय पहाड़ के तले दबे
पशुओं के अवशेषों से.
फिर जो तुम एक तरसते हुए को आखिरी
शब्द से क्यों बहलाते हो?
क्या आज सड़क किनारे सोते हुए ठंड से आखिरी बार कोई मरेगा?
क्या आज राम सीता की अंतिम बार अग्नपरीक्षा लेंगे?
क्या आज फिर कोई कृष्ण मर्यादा के नाम पर अंतिम बार अपना हित साधेगा?
क्या आगे कोई अभिमन्यु कौरवों के हाँथों न मारा जायेगा?
क्या आज आखिरी बार गाँधी की हत्या पर जश्न मनाया जायेगा?
क्या मैं अनात्म हो गया हूँ?
क्या मैं एक टेरीयार के कुत्ते से स्वार्थी हूँ जो तुम मुझे बहला रहे हो?
क्या आज अंतिम बार महंगे होटलों में करोड़ो खर्च किये जायेंगे?
आखिरी एक तस्सली है
जिससे सभ्यता के ठेकेदारों का पेट चलता है.
आखिरी एक नाउम्मीदी है.