Sunday, 11 December 2016

लप्रेक

देखो न शिप्रा इंडिया कैशलेश हो गया.

शिप्रा- विप्लव मुझे ऐसे समय में तुम्हारे डैड की चिंता सबसे अधिक होती है.

विप्लव-शिपरा ऐसा क्यों,तुम तो मेरी वज़ह से ही उन्हें जान सकी हो?

हाँ,विप्लव इसीलिए तो.मुझे सपने को टूटते देखकर बड़ा डर लगता है.तुम्हारे डैड ने कैश के लिए जो इन्वेसटमेन्ट किया था तुम्हारे उपर उसको लेकर डियर.

विप्लव-वाट् डू यू मिन डियर शिप्रा?आई हार्डली अंडरस्टैंड यू डियर.

शिप्रा- डियर,इट्स सो सिंपल.मैं डौरी के बारे में कह रही थी विप्लव.तुम्हारे डैड के उस सपने का क्या होगा  जिसमें उन्होंने ने सिर्फ और सिर्फ कैश और नगदी का सपना देखा था.

विपलव- शिप्रा यू आ.र सो इग्नोरैंट.माय डैड न्यो इट रीली वेल हाऊ टू कंप्रोमाईज़.आजकल सिर्फ डौरी मैटर करता है.अगर कैश न मिला तो एक एकड़ जमीन माँग लेंगे मेरे डैड.एंड डॉन्ट यू न्यो की लास्ट पार्टी जो आये थे,वे एक बिल्डर हैं.डैड उनसे दो फ्लैट का डिमांड तो ऐटलिस्ट कर ही देंगे.ऐनिहाऊ शिप्रा औनली डौरी मैटर्स एंड नॉट इट्स फॉर्म.

शिप्रा- वेल विप्लव,ये सब बातें कितनी साधारण लगती हैं कहने में.शायद तुम्हें नहीं पता की डौरी लेने वालों से लड़कियाँ सिर्फ निबाह करती हैं,मोहब्बत तो बिल्कुल नहीं.मेरी नज़र में आज से तू एक ऑफेंडर  हो गया है.

विपलव- शिप्रा,यू आ.र सो आईडियलिस्ट.बी प्रैक्टीकल डियर.डॉरी मैटर्स.
#Dowry in the time of cashless india.